Friday, March 17, 2017

Success

अभी काँच हूँ  इसलिए सबको चुभता हूँ,  
♦जिस_दिन☝🕵   आइना बन_जाऊँगा ,
उस दिन  पूरी दुनियाँ देखेगी ...!!



Monday, February 27, 2017

Saajish

मेरा कत्ल
करने की
उसकी
साजीश तो देखो
करीब से
गुज़री तो
चेहरे से
पर्दा हटा लिया

Friday, February 10, 2017

Waqt

  Na jameen chaheye na jayadad.....
  Mujhe to teri zindgi ka har pal chaheye....
  woh bhi abhi k abhi




         



Kismat

"जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था;
हमसा कोई किस जुर्म में आया भी न था!
न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी;
हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था!







Sharbati Aankhein

  Teri Ankhon mein hum ne kiya dekha,
   Kabhi katil kabhi khuda dekha......






Thursday, February 9, 2017

Dhokha

साँसों का टूट जाना तो दस्तूर है कुदरत का..

जिस मोड़ पर अपने बदल जाये उसे मौत कहते हैं !!


Bewefa zindgi

"बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है;
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है;

तड़प उठता हूँ दर्द के मारे, ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है;

अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ;
मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है।




Wednesday, February 8, 2017

Dard

"दर्द अगर काजल होता तो आँखों में लगा लेते;
दर्द अगर आँचल होता तो अपने सर पर सजा लेते;

दर्द अगर समुंदर होता तो दिल को हम साहिल बना लेते;
और दर्द अगर तेरी मोहब्बत होती तो उसको चाहत-ऐ ला हासिल बना लेते।


Dard e dil

"दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता;
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;

बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में;
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता।


Kuch pyaari baatein

मेरी रातों की राहत, दिन के इत्मिनान ले जाना;
तुम्हारे काम आ जायेगा, यह सामान ले जाना;

तुम्हारे बाद क्या रखना अना से वास्ता कोई;
तुम अपने साथ मेरा उम्र भर का मान ले जाना;

शिकस्ता के कुछ रेज़े पड़े हैं फर्श पर, चुन लो;
अगर तुम जोड़ सको तो यह गुलदान ले जाना;

तुम्हें ऐसे तो खाली हाथ रुखसत कर नहीं सकते;
पुरानी दोस्ती है, की कुछ पहचान ले जाना;

इरादा कर लिया है तुमने गर सचमुच बिछड़ने का;
तो फिर अपने यह सारे वादा-ओ-पैमान ले जाना;

अगर थोड़ी बहुत है, शायरी से उनको दिलचस्पी;
तो उनके सामने मेरा यह दीवान ले जाना।



Tuesday, February 7, 2017

Masoom chehra

ठहर जाती है हर नजर तेरे रुखसार पर आकर..

तेरे मासूम चेहरे की बनावट में कशिश कुछ है..





क्यों किसी के लिए जान लूटा देते है लोग .

मुझे मालूम हुआ तुझे पाने के बाद


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Monday, February 6, 2017

Khwaish

मुझे आज खुद को पढ़ने की ख्वाहिश हुई...

मैं पुराने पन्ने पलटती रही और तू ही तू दिखता रहा मुझे..


Zindgi

जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से…

एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…


Success

अभी काँच हूँ  इसलिए सबको चुभता हूँ,   ♦जिस_दिन☝🕵   आइना बन_जाऊँगा , उस दिन  पूरी दुनियाँ देखेगी ...!!