Friday, February 10, 2017

Kismat

"जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था;
हमसा कोई किस जुर्म में आया भी न था!
न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी;
हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था!







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Success

अभी काँच हूँ  इसलिए सबको चुभता हूँ,   ♦जिस_दिन☝🕵   आइना बन_जाऊँगा , उस दिन  पूरी दुनियाँ देखेगी ...!!